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Showing posts from June, 2026

समय से संवाद

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समय से संवाद किसी भी बड़े दायित्व की सफलता केवल योजना से नहीं, बल्कि समय के प्रति अनुशासन से सुनिश्चित होती है। गुर्जर शिक्षाविद् सम्मेलन–2026 की तैयारियों के लिए भी प्रत्येक सहभागी ने अपने-अपने स्थान से समयपूर्व प्रस्थान का संकल्प लिया था। योजनाकार डॉ. राकेश राणा साहिबाबाद से, डॉ. देवेंद्र नागर गाज़ियाबाद से तथा टीम उलझन सुलझन के प्रतिनिधि मेरठ से साहिबाबाद रैपिड स्टेशन पर एकत्र होने वाले थे। वहाँ से सभी को एक साथ दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे के मार्ग से जयपुर के लिए प्रस्थान करना था और रास्ते में कोटपूतली से प्रो. जगराम सिंह को साथ लेकर आगे बढ़ना था। यात्रा की शुरुआत ने ही एक महत्त्वपूर्ण सीख दे दी। मेरठ से आने वाले प्रतिनिधि को रैपिड रेल की पहली सेवा समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। जो विलंब प्रारम्भ में केवल दस मिनट का प्रतीत हो रहा था, वह आगे चलकर कई गुना बढ़ गया। तभी अनुभव हुआ कि समय की घड़ी कभी केवल मिनटों में नहीं चलती; एक छोटी-सी देरी भी परिस्थितियों के अनुसार घंटों का अंतर उत्पन्न कर सकती है। समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता, वह केवल अपने साथ चलने वालों का साथ देता है। इसके बाद ...

पर्यटन

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  पर्यटन-वृत्तांत भूमिका भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत केवल इतिहास के पन्नों में ही नहीं, बल्कि उसके प्राचीन मंदिरों, पवित्र नदियों और श्रद्धा से ओत-प्रोत तीर्थस्थलों में भी जीवंत रूप से दिखाई देती है। दक्षिण भारत के मंदिर अपनी भव्य स्थापत्य कला, विशाल प्रांगणों, दिव्य वातावरण और अनूठी पूजा-पद्धति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। ऐसे तीर्थस्थलों की यात्रा केवल पर्यटन नहीं होती, बल्कि आत्मा को शांति, मन को श्रद्धा और जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने वाला अनुभव बन जाती है। प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत में कुसुम जी के कावेरी संगम स्नान तथा नंजनगुड स्थित मंजुनाथ स्वामी मंदिर एवं अन्य देवालयों के दर्शन का भावपूर्ण वर्णन है, जो दक्षिण भारतीय मंदिर संस्कृति की भव्यता और आध्यात्मिकता का सुंदर परिचय कराता है। पर्यटन बेंगलुरु। कुसुम जी ने आज पवित्र कावेरी संगम में स्नान किया तथा उसके पश्चात रंगनाथ स्वामी मंदिर (भगवान विष्णु) और मंजुनाथ स्वामी मंदिर (भगवान शिव) के दर्शन किए। दक्षिण भारत के इन प्राचीन मंदिरों की एक विशेषता यह है कि आज भी यहाँ विशाल मंडप, विजय अथवा ध्वज स्तंभ तथा भव्य...

एक और पर्यटन स्थल को जानें!

एक और पर्यटन स्थल को जानें! भारत की विविधता केवल उसकी संस्कृति, भाषा और परंपराओं में ही नहीं, बल्कि उसके अद्भुत पर्यटन स्थलों में भी झलकती है। कुछ स्थान ऐसे होते हैं जो केवल घूमने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए भी प्रेरित करते हैं। ऐसा ही एक पर्यटन स्थल है—गोवा। समुद्र की अनंत लहरों, सुनहरी रेत, रोमांचक गतिविधियों, ऐतिहासिक धरोहरों और उन्मुक्त जीवनशैली के कारण गोवा देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। यदि आप भी उस धरती को जानना चाहते हैं जहाँ प्रकृति और आधुनिकता एक-दूसरे का हाथ थामे चलती दिखाई देती हैं, जहाँ हर उम्र का व्यक्ति अपनी पसंद का आनंद खोज सकता है, तो आइए भारत के इस अत्यंत लोकप्रिय पर्यटन स्थल की सैर पर चलते हैं। गोवा गोवा... एक ऐसा पर्यटन स्थल, जिसका नाम सुनते ही कैसीनो, पार्टी, बार, डिस्को, वाटर स्पोर्ट्स और समुद्र तटों की मनमोहक छवियाँ मन में उभरने लगती हैं। गोवा का नाम आते ही दूर-दूर तक फैला समुद्र का किनारा, उन्मुक्त जीवनशैली, थिरकते कदम और काजू से बनी लाजवाब फेनी याद आ जाती है। गोवा अपने प्रसिद्ध बीचों, सुंदर समुद्री तटों और उठती-ग...